Musafirana-si-hai-zindgi-lshayari

Musafirana si hai zindgi

मुसाफ़िराना सी है ज़िन्दगी,कुछ मंज़िले अधूरी सी है,कुछ ख़्वाब मुकम्मल हुए हैं,बस कुछ थोड़े और बाकी है। ना रात की

Continue reading
Aasoon-nikal-pade-lshayari

Aasoon nikal pade

आँसू निकल पड़े…इतना तो ज़िंदगी में, न किसी की खलल पड़े,हँसने से हो सुकून, न रोने से कल पड़े,मुद्दत के

Continue reading